गुरुवार, 24 जनवरी 2013

आरएसएस की कवरेज....



गतांक 10 से आगे...
राष्ट्रीय सहारा ने 14 नवंबर को फिर लिखा – सुदर्शन पर कानूनी शिकंजा कसा। दो कॉलम की इस खबर को अगले पृष्ठ तक फैलाया गया है। राष्ट्रीय सहारा ने 15 नवंबर को तीन कॉलम की खबर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह के हवाले से लिखा- संघ के बचाव में उतरे राजनाथ।
पंजाब केसरी ने सुदर्शन प्रकरण को लेकर 14 नवंबर को चार खबरें प्रकाशित कीं। भाषा के हवाले से अखबार ने दो कॉलम की खबर लिखा – संघ के पूर्व प्रवक्ता ने सुदर्शन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का सुझाव दिया।

रविवार, 13 जनवरी 2013

अवनीश सिंह चौहान को सृजनात्मक साहित्य पुरस्कार

07 जनवरी को जयपुर के भट्टारकजी की नसियां स्थित इन्द्रलोक सभागार में पं. झाबरमल्ल शर्मा स्मृति व्याख्यान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। आयोजन का शुभारम्भ माँ सरस्वती के समक्ष जनरल वी.के. सिंह जी और गुलाब कोठारी जी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वी.के. सिंह रहे जबकि पत्रिका समूह के प्रधान सम्पादक गुलाब कोठारी जी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। 
 
तत्पश्चात जनरल वी के सिंह जी और गुलाब कोठारी जी के कर-कमलों से अवनीश सिंह चौहान को सम्मानित किया गया। पत्रिका का वार्षिक 'सृजनात्मक साहित्य सम्मान-2013 के अंतर्गत श्री चौहान को 11000 रू. नकद, सम्मान पत्र और श्रीफल प्रदान किया गया। राजस्थान पत्रिका की ओर से हर साल दिए जाने वाले सृजनात्मक साहित्य पुरस्कारों की घोषणा पहले ही कर दी गई थी। कविता में पहला पुरस्कार युवा कवि अवनीश सिंह चौहान के गीतों को दिया गया। इटावा में जन्मे अवनीश सिंह चौहान युवा कवियों में अपना अहम स्थान रखते हैं। हमलोग परिशिष्ट में प्रकाशित उनके तीन गीत- 'किसको कौन उबारे', 'क्या कहे सुलेखा' तथा 'चिंताओं का बोझ- ज़िन्दगी' आम आदमी के संघर्ष और रोजी-रोटी के लिए उसके प्रयासों को रेखांकित करते हैं और भी कई अनकही पीड़ाओं को बयां करते हैं उनके गीत। अब अवनीश के ये गीत उनके सधः प्रकाशित संग्रह 'टुकड़ा कागज़ का' में संकलित हैं। 

शुक्रवार, 11 जनवरी 2013

आरएसएस के प्रदर्शन की कवरेज....



गतांक से आगे 9...
नवभारत टाइम्स ने 13 नवंबर को एक ही खबर प्रकाशित की। दिल्ली में संघ मुख्यालय के बाहर कांग्रेसियों के प्रदर्शन की तीन कॉलम की तस्वीरों के साथ प्रकाशित यह खबर भी तीन कॉलम की है और इसका शीर्षक है – संघ के खिलाफ हजारों कांग्रेसी सड़कों पर।
लेकिन उसके प्रतिद्वंद्वी अखबार दैनिक हिंदुस्तान ने 13 नवंबर को पांच खबरें प्रकाशित की हैं। पहली खबर आरएसएस कार्यालय पर कांग्रेस का प्रदर्शन महज दो कॉलम की है , लेकिन उसके साथ झंडेवालान पर कांग्रेसियों के प्रदर्शन की पांच कॉलम की तस्वीर प्रकाशित की गई है। दूसरी खबर को हिंदुस्तान टीम ने लिखा है। तीन कॉलम में प्रकाशित इस खबर को सुदर्शन की तस्वीर और ग्राफिक से सजा कर छापा गया है।

शुक्रवार, 4 जनवरी 2013

मदद के इच्छुक संपर्क करें

मीडिया मीमांसा ब्लॉग को वेबसाइट में तब्दील करने में बहुत सारे लोगों ने इच्छा जताई है...लेकिन आर्थिक वजहों से फिलहाल ऐसा कर पाना संभव नहीं है...जो लोग मदद कर सकते हैं...वे कृपया संपर्क करें
uchaturvedi@gmail.com

आरएसएस के प्रदर्शन की कवरेज....

गतांक से आगे 8....


सुदर्शन प्रकरण को लेकर द इंडियन एक्सप्रेस की खबर यात्रा बाद में भी जारी रही। अखबार ने 14 नवंबर को प्रकाशित तीन कॉलम की खबर मे सुदर्शन जी का एक कॉलम का फोटो भी लगाया है। इस खबर का शीर्षक है – स्यू सुदर्शन : आरएसएस लीडर टू सोनिया। 15 नवंबर को अखबार ने पूर्व भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के हवाले से लिखा- मूव कोर्ट, स्टॉप स्ट्रीट प्रोटेस्ट्स, सेज राजनाथ टू कांग। दो कॉलम की इस खबर के साथ जाहिर है राजनाथ सिंह का छोटा सा फोटो भी है। इसी दिन यानी 15 नवंबर को अखबार ने प्रकाशित किया है – सुदर्शन्स कमेंट सोनिया रिमार्क्स हैव लोवर्ड हिज स्टेटस। एक कॉलम की पीटीआई की यह खबर इंदौर दौरे पर आए पूर्व भाजपा नेता गोविंदाचार्य के हवाले से लिखी गई है।

रविवार, 30 दिसंबर 2012

इंद्रेश प्रकरण की कवरेज



गतांक से आगे 7....
एशियन एज ने 11 नवंबर को दो खबरों के जरिए सुदर्शन पर हल्ला बोला है। पहली खबर का शीर्षक है सुदर्शन अपसेट्स बीजेपी, आरएसएस। दूसरी खबर कांग्रेस का पक्ष रखती है – कांग हिट्स आउट ऐट आरएसएस एक्स चीफ।
इस घटना की अखबारों ने व्यापक कवरेज की। सबसे पहले नजर डालते हैं अंग्रेजी अखबारों की रिपोर्टों पर –
13 नवंबर को द हिंदू ने इस सिलसिले में तीन खबरें प्रकाशित की हैं। एक कॉलम के सुदर्शन के फोटो समेत तीन कॉलम की खबर का शीर्षक है – आरएसएस रिग्रेट्स रिमार्क्स अगेंस्ट सोनिया । दूसरी खबर दिल्ली से लिखी गई है, जिसके साथ कांग्रेसियों के झंडेवालान स्थित संघ कार्यालय पर प्रदर्शन की तीन कॉलम की फोटो भी प्रकाशित की गई है। इस खबर का शीर्षक है – कांग्रेस प्रोटेस्ट अगेंस्ट आरएसएस लीडर्स रिमार्क। चार कॉलम की इस खबर को बेहतरीन डिस्प्ले दिया गया है। तीसरी खबर चंडीगढ़ डेटलाइन से है। इस खबर का भी शीर्षक वही है – प्रोटेस्ट अगेंस्ट आरएसएस लीडर्स रिमार्क।

मंगलवार, 25 दिसंबर 2012

उमेश चतुर्वेदी को महामना सम्मान



(विज्ञप्ति)
वरिष्ठ पत्रकार उमेश चतुर्वेदी को महामना पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके तहत उन्हें पांच हजार एक रूपए की राशि के साथ ही अभिनंदन पत्र और शाल से सम्मानित किया गया। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक और महान स्वतंत्रता सेनानी महामना मदन मोहन मालवीय के जन्मदिवस के मौके पर उमेश चतुर्वेदी को उनके ओजस्वी लेखन के लिए प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि उमेश चतुर्वेदी पहली ऐसी शख्सीयत हैं, जिन्हें उनके ओजस्वी लेखन के लिए इसी पुरस्कार से दूसरी बार सम्मानित किया गया है। उन्हें साल 2009 में भी सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें वरिष्ठ राष्ट्रवादी पत्रकार शिवकुमार गोयल, राम बहादुर राय और वरिष्ठ मार्क्सवादी पत्रकार शिवकुमार मिश्र के हाथों मिला। इस मौके पर शिवकुमार मिश्र ने कहा कि हिंदोस्थान का संपादन करके महामना मालवीय ने जिस राष्ट्रवादी पत्रकारिता की नींव रखी थी, आज के पत्रकार इस धारा को जरूर आगे बढ़ाएंगे। गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सक्रिय पत्रकारों को मेवाड़ संस्थान की तरफ से पिछले आठ सालों से ये पुरस्कार दिए जा रहे हैं। शिवकुमार मिश्र ने मेवाड़ संस्थान को धन्यवाद देते हुए कहा कि संस्थान का यह कदम पत्रकारिता के गिरते मूल्यों को रोकने में मददगार साबित होगा। इस पुरस्कार के निर्णायक मंडल में मशहूर पत्रकार और माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के निदेशक जगदीश उपासने, अरविंद मोहन, प्रदीप सिंह और मशहूर कार्टूनिस्ट काक शामिल रहे। पुरस्कार हासिल करने के मौके पर उमेश चतुर्वेदी ने कहा कि शिवकुमार गोयल, राम बहादुर राय और शिवकुमार मिश्र जैसी हस्तियों के हाथों सम्मानित होकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है।