रविवार, 30 दिसंबर 2012

इंद्रेश प्रकरण की कवरेज



गतांक से आगे 7....
एशियन एज ने 11 नवंबर को दो खबरों के जरिए सुदर्शन पर हल्ला बोला है। पहली खबर का शीर्षक है सुदर्शन अपसेट्स बीजेपी, आरएसएस। दूसरी खबर कांग्रेस का पक्ष रखती है कांग हिट्स आउट ऐट आरएसएस एक्स चीफ।
इस घटना की अखबारों ने व्यापक कवरेज की। सबसे पहले नजर डालते हैं अंग्रेजी अखबारों की रिपोर्टों पर
13 नवंबर को द हिंदू ने इस सिलसिले में तीन खबरें प्रकाशित की हैं। एक कॉलम के सुदर्शन के फोटो समेत तीन कॉलम की खबर का शीर्षक है आरएसएस रिग्रेट्स रिमार्क्स अगेंस्ट सोनिया । दूसरी खबर दिल्ली से लिखी गई है, जिसके साथ कांग्रेसियों के झंडेवालान स्थित संघ कार्यालय पर प्रदर्शन की तीन कॉलम की फोटो भी प्रकाशित की गई है। इस खबर का शीर्षक है कांग्रेस प्रोटेस्ट अगेंस्ट आरएसएस लीडर्स रिमार्क। चार कॉलम की इस खबर को बेहतरीन डिस्प्ले दिया गया है। तीसरी खबर चंडीगढ़ डेटलाइन से है। इस खबर का भी शीर्षक वही है प्रोटेस्ट अगेंस्ट आरएसएस लीडर्स रिमार्क।

द इंडियन एक्सप्रेस ने 13 नवंबर को इस सिलसिले में दो खबरें प्रकाशित की हैं। तीन कॉलम की पहली खबर को कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के हवाले से लिखा गया है, जिसका शीर्षक है दिग्विजय सेज आरएसएस लाइक लश्कर, बट बैनिंग आउटफिट इज नो साल्यूशन। जाहिर है इसके साथ दिग्विजय की तस्वीर भी होगी और वह एक कॉलम की है भी। तीन कॉलम की ही दूसरी खबर का शीर्षक है आरएसएस वाल्क्स ऐन एक्स्ट्रा माइल, रिग्रेट्स सुदर्शन्स सोनिया रिमार्क। टाइम्स ऑफ इंडिया ने दो खबरें प्रकाशित की। पहले पृष्ठ पर छपी पहली खबर का शीर्षक है सुदर्शन रिमार्क्स स्पार्क कांग प्रोटेस्ट। दूसरी खबर अंदर के पेज पर छपी है। कांग्रेस के हवाले से लिखी गई यह खबर है गवर्नमेंट शुट कंसीडर बैन ऑन आरएसएस। इसी खबर में एक छोटी सी खबर भी जोड़ी गई है- कांग वर्कर्स अटैक आरएसएस ऑफिस। द स्टेट्समैन ने भी इस घटना से संबंधित दो खबरें प्रकाशित की हैं। सुदर्शन के फोटो सहित तीन कॉलम की खबर का शीर्षक है आरएसएस, बीजेपी रिग्रेट सुदर्शन रिमार्क्स। दूसरी खबर कांग्रेसियों के धरने के तीन कॉलम के फोटो के साथ प्रकाशित की गई है- कांगमेन प्रोटेस्ट अगेंस्ट सुदर्शन्स रिमार्क। एशियन एज ने इस घटना से जुड़ी तीन खबरें प्रकाशित की हैं। पहली खबर में संघ के झडेवालान स्थित मुख्यालय पर कांग्रेसियों के धरने प्रदर्शन की चार क़ॉलम की फोटो के साथ छापा गया है। संघ परिवार के खेद पर आधारित चार कॉलम की इस खबर का शीर्षक रहा आरएसएस रिग्रेट्स सुदर्शन रिमार्क्स। दो कॉलम की दूसरी खबर का शीर्षक है एफआईआर फाइल्ड अगेंस्ट आरएसएस एक्स चीफ। जिसमें एक कॉलम की एक फोटो भी छापी गई है। यह फोटो सुदर्शन के भोपाल स्थित घऱ की बढ़ी चौकसी पर केंद्रित है। तीसरी छोटी और एक कॉलम की खबर है एफआईआर अगेंस्ट आरएसएस एक्स चीफ। दोनों ही खबरें जयपुर डेटलाइन से लिखी गई हैं। मुंबई से प्रकाशित डीएनए ने दो खबरें प्रकाशित की हैं। डीएनए की दो कॉलम की पहली खबर का शीर्षक है संघ, बीजेपी रिग्रेट रिमार्क्स अगेंस्ट सोनिया। जबकि दूसरी खबर दिग्विजय सिंह के हवाले से लिखी गयी है। नागपुर से जयदीप हार्डिलकर की चार कॉलम की रिपोर्ट का शीर्षक है दिग्विजय ड्राज पैरेलल बिट्वीन आरएसएस, लश्कर। पायोनियर और हिंदुस्तान टाइम्स ने 13 नवंबर को कांग्रेस के गुस्से और संघ परिवार के खेद से जुड़ी एक-एक खबर ही प्रकाशित की है। पायोनियर की एक कॉलम की खबर का शीर्षक था- आरएसएस रिग्रेट्स सुदर्शन्स सोनिया रिमार्क्स। हिंदुस्तान टाइम्स ने संघ परिवार के वरिष्ठ नेता सुरेश जी जोशी के हवाले से दो कॉलम की खबर छापी है- आरएसएस रिग्रेट्स, कांग टेक्स टू स्ट्रीट्स। हिंदुस्तान टाइम्स के संपादकीय निदेशक वीर संघवी ने अपने अखबार में 14 नवंबर को अपने कॉलम काउंटर प्वाइंट में इस प्रकरण पर कलम चलाई है। उन्होंने इसका शीर्षक दिया है द बीजेपीज होस्टेज टू ऑफ द वाल मास्टर्स। अपने इस कॉलम में उन्होंने संघ परिवार की जमकर लानत-मलामत की है। इसे संपादकीय पृष्ठ के मुख्य लेख के तौर पर ही छापा जाता है। इसके अगले दिन यानी 16 नवंबर को अखबार ने अपने राजनीतिक संपादक पंकज वोहरा का स्तंभ प्रकाशित किया है। बिट्वीन अस नाम के इस स्तंभ में उन्होंने सुदर्शन की आलोचना करते हुए लिखा- सुदर्शन हैज लोवर्ड द बार।
कोलकाता से प्रकाशित दे टेलीग्राफ में संजय के झा ने 18 नवंबर को लिखा सुदर्शन लैश डिवाइडेज कांग। चार कॉलम की इस स्टोरी में सुदर्शन जी का फोटो भी छापा गया है। मुंबई से प्रकाशित डीएनए ने 18 नवंबर को आरएसएस प्रमुख मोहनराव भागवत के हवाले से लिखा- हिंदुज आर नॉट इनवाल्व्ड इन टेररिज्म, इनसिस्ट्स आरएसएस चीफ।
इसी तरह बेंगुलूरू से प्रकाशित डेक्कन हेराल्ड ने 12 नवंबर को दो कॉलम की खबर प्रकाशित की है- आरएसएस, बीजेपी रिग्रेट सुदर्शन रिमार्क्स ऑन सोनिया। 14 नवंबर को पायोनियर ने एक कॉलम की एक खबर फिर प्रकाशित की स्टॉप अटैकिंग आरएसएस, बीजेपी वार्न्स कांग्रेस। इस खबर के साथ कांग्रेस के प्रदर्शन की एक कॉलम की छोटी फोटो भी प्रकाशित की गई है। 15 नवंबर को पायोनियर ने दो कॉलम की खबर प्रकाशित की है। इस खबर का शीर्षक है स्टॉप वायलेंस, स्यू आरएसएस इफ नॉट सैटिसफाइड विथ संघ रिग्रेट्स। इस खबर के साथ अखबार ने राजनाथ सिंह की एक छोटी तस्वीर भी लगाई है। 14 नवंबर को दी स्टेट्समैन ने दो कॉलम की खबर प्रकाशित की स्यू सुदर्शन, आरएसएस लीडर सजेस्ट्स। 15 नवंबर को अखबार ने पीटीआई की खबर को प्रकाशित किया है। पूरे कॉलम यानी पांच कॉलम तक फैली इस खबर के साथ आडवाणी की फोटो है। इस खबर का शीर्षक है स्टॉप अटैक्स ऑन आरएसएस ऑफिसेज, कांग वार्न्ड। इसके अगले दिन यानी 16 नवंबर को अखबार ने अपने सहायक संपादक अमूल्य गांगुली का संपादकीय पृष्ठ पर लेख प्रकाशित किया है सायकोटिक परिवार। सोनिया गांधी और सुदर्शन के फोटो के साथ प्रकाशित इस लेख में संघ परिवार की जमकर लानत-मलामत की गई है।

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